| ☛ | शिक्षा:-यूनिवर्सिटी कॉलेज, लन्दन |
| ☛ | रबीन्द्रनाथ टैगोर आठ वर्ष की उम्र में उन्होंने अपनी पहली कविता लिखी। |
| ☛ | व्यवसाय:-लेखक, कवि, नाटककार, संगीतकार, चित्रकार |
| ☛ | भाषा:-बांग्ला, अंग्रेजी |
| ☛ | रवींद्रनाथ टैगोर गुरुदेवजी नाम से भी प्रसिद्ध थें। |
| ☛ | उपनाम:-गुरुदेव, विश्वकवि |
| ☛ | भारत के राष्ट्रगान रवींद्रनाथ टैगोर (जन गण मन) द्वारा लिखा गया। |
| ☛ | बांग्लादेश के राष्ट्रगान रवींद्रनाथ टैगोर (अमार सोनार बांग्ला) द्वारा लिखा गया। |
| ☛ | नोट:-श्रीलंका का राष्ट्रगान भी टैगोर जी द्वारा बंगाली में लिखे गीत पर आधारित है। |
| ☛ | 1901 में गुरुदेवी जी ने शान्ति निकेतन की स्थापना की। |
| ☛ | रवींद्रनाथ टैगोर 1913 साहित्य के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार पाने वाला एशिया के प्रथम व्यक्ति थे। |
| ☛ | रवींद्रनाथ टैगोर गीतांजलि के लिए उन्हें साहित्य के नोबल पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। |
| ☛ | सितंबर सन् 1912 में गीतांजलि के अंग्रेजी अनुवाद की कुछ सीमित प्रतियां इंडिया सोसायटी के सहयोग से प्रकाशित की गई। |
| ☛ | रवींद्रनाथ टैगोर को 1915 में राजा जॉर्ज पंचम ने “नाइटहुड” के उपाधि से सम्मानित किया था। |
| ☛ | 1919 में रवींद्रनाथ टैगोर ने जलियाँवाला बाग हत्याकांड से उन्हें बहुत दुख हुआ और और उन्होंने नाइटहुड उपाधि वापिस लौटा दी। |
| ☛ | 1940 में रवींद्रनाथ टैगोर को डाक्टरेट की उपाधि आक्सफोर्ड यूनिर्वसिटी से मिली। |
| ☛ | अपने जीवन मे रबिन्द्रनाथ टैगोर अल्बर्ट आइंस्टीन जैसे महान वैज्ञानिक से तीन बार मिले जो रबिन्द्रनाथ टैगोर को रब्बी टैगोर कह कर पुकारते थे। |
| ☛ | रवीन्द्रनाथ टैगोर ने लगभग 2,230 गीतों की रचना अपने जीवन काल में की । |