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| ★ पुष्यमित्र शुंग इस राजवशं का सस्थापक था। |
| ★ अतिम मौर्य सम्राट ब्रहद्रथ की हत्या कर मगध के सिंहासन पर बैठा। |
| ★ शुंग ब्राह्मण थे। |
| ★ शुंग मौर्यकाल में सेनापति जैसे उच्च पद पर नियुक्त था। |
| ★ पुष्यमित्र शुंग ने अशोक द्धारा बनवाये गये 84000 स्तूपों को नष्ट कर दिया था। |
| ★ शुंग इतिहास के विषय में जानकारी पुराण,बाण के हर्शचरित,पतत्र्जलि के महाभाश्य,कालिदास के मालविकाग्निमित्रम्ं दिव्यावदान एवं तिब्बती इतिहासकार तारानाथ द्वारा मिलती है। |
| ★ शुंग शासको ने विदिशा को अपने राज्य का राजधानी बनाया। |
| ★ प्रथम युद्ध में यवन सेना का नेतृत्व डेमेट्रियस ने किया था। |
| ★ यह युद्ध सिंधु नदी के तट पर लड़ा गया जिससे वसुमित्र ने यवन सेनापति मेनाण्डर को हराया। |
| ★ पुश्यमित्र शुंग बौर्द्व धर्म का प्रबल विरोधी था। |
| ★ पुश्यमित्र शुंग ने पाटलिपुत्र में स्थित कुक्कुटाराम बिहार को तीन बार नष्ट करवाने का प्रयास किया पर तीनो ही बार भयानक आकाशवाणी होने के करण असफल रहा। |
| ★ पुश्यमित्र शुंग को मगध ब्राह्मण राज्य स्थापित करने और ब्राह्मण धर्म के पुनरूद्धार का श्रेय दिया जा सकता है। |
| Chalukya Dynasty | |
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| ★ शुंग काल में स्मारक के रूप में पुना के निकट यज नामक स्थान पर एक बिहार। |
| ★ भज में ही बड़ा चैत्य एवं चट्टान को काटकर बनाये गए स्तूप। |
| ★ अजन्ता में चैत्यकक्ष न. 9,भरहुत में वृक्ष देवता,अमरावती में निर्मित स्तूप। |
| ★ बेसनगर का गरूड़ध्वज, वौद्ध गया का जगंला एवं नासिक के चैत्य कक्ष आदि है। |
| ★ सॉची के महान स्तूप का कटघरा या इसी काल का है। |
| ★ शुंगों के समय में ही स्थापित बेसनगर गुरूड़स्तम्भ तक्कालीन पहला प्रस्तर स्तम्भ था जो ब्राह्मण धर्म (भागवत धर्म) से सबंधित थी। |
| ★ पंतजलि और भास पुश्यमित्र शुंग के समकालीन थे। |
| ★ कालिदास के मालविकाग्नि मित्र नाटक का नायक अग्निमित्र था। |
| ★ रामायण,महाभारत,मनुस्मृति महाकाव्यों की रचना शुंग काल में हुई। |
| ★ शुंग वंश का अंतिम शासक देवभूति था। |
| ★ पुश्यमित्र शुंग ने भरहूत स्तूप का निर्माण करवाया। |
| ★पुश्यमित्र शुंग की मृत्यु 148 ई. पू. में हुर्इ। |